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हमारे नाक का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हिसà¥à¤¸à¤¾ मांस का ही बना होता है. नाक के मांस की मांसपेशियाठथोड़ी सखà¥à¤¤ होती हैं ताकि नाक को à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ आकार दिया जा सके. आमतौर पर तो नाक बंद रहने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन हमेशा à¤à¤• या दोनों तरफ की नाक बंद रहने की वजह नाक के अंदर पोलिपà¥à¤¸ का बनना à¤à¥€ हो सकता हैं. कà¥à¤¯à¤¾ है नेजल पोलिप नाक और साइनस की शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ फूलकर रसौली की तरह बन जाती है जिसमें दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ बढ़ने पर यह फूलने लगती है. à¤à¤¸à¤¾ नाक के à¤à¤• या दोनों तरफ हो सकता है, मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: पोलिप दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं.
à¤à¤‚टà¥à¤°à¥‹à¤•ोनल नाक के पास चेहरे की हडà¥à¤¡à¥€ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ मेकà¥à¤¸à¥€à¤²à¤°à¥€ साइनस से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होकर यह रसौली नाक में आती है. यह आगे या पीछे दोनों तरफ बढ़ सकती है जिससे उस तरफ की नाक बंद रहने लगती है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ व यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में यह à¤à¤• तरफ ही होती है. à¤à¤¥à¤®à¥‹à¤‡à¤¡à¤² नाक के अंदर आंख के पास सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¥à¤®à¥‹à¤‡à¤¡ साइनस से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होकर अनà¥à¤¯ साइनस में à¤à¥€ पनप सकते हैं जैसे कि नाक के ऊपर सिर में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ फà¥à¤°à¤‚टल साइनस, नाक के अंदरूनी à¤à¤¾à¤— में दिमाग से सटा सà¥à¤«à¥‡à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡ साइनस. ये सामानà¥à¤¯à¤¤: नाक के दोनों तरफ यà¥à¤µà¤¾ अवसà¥à¤¥à¤¾ के बाद होते हैं.
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